राउटर एक नेटवर्किंग उपकरण है जिसका प्रयोग कई नेटवर्कों का जोड़ने के लिए किया जाता है । इसका प्रयोग विभिन्न मार्गों (रूट) तक पहुचने और उनका पता लगाने के लिए किया जाता है । यह द्वितीय स्तर के विभिन्न उपकरणों के बीच एक सेतु का काम भी करता है ।
राउटर की सुरक्षा:
यदि आप इंटरनेट के लिए अपने घर पर या दतर पर वाई.फाई राउटर प्रयोग करते हैं तो उसकी सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखें नहीं तो आपके वाई.फाई राउटर का दुष्प्रयोग संभव है।
अभी पिछले दिनों भारत के कुछ बड़े शहरों में आतंकवादियों ने बम ब्लास्ट किए और सैकड़ों मासूमों की जानें लीं॰ इस घिनौने कार्य को अंजाम देने में उन्होंने नवीनतम तकनीक और इंटरनेट का भरपूर उपयोग किया। पकड़ में आने से बचने के लिए आतंकवादियों ने इंटरनेट के असुरक्षित, आम या अनजाने में उपलब्ध वाई.फाई तंत्र का बेधड़क उपयोग किया। जब जांच एजेंसियों ने इंटरनेट एक्सेस पाइंट, जहां से आतंकवादियों के धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे, वहां धावा बोला तो पाया कि वहां तो निदोर्ष और बेकसूर नागरिक रह रहे हैं। उनका दोष सिर्फ इतना था कि वे अपने घर व दफ्तरों में इंटरनेट के लिए वाई.फाई तंत्र का प्रयोग कर रहे थे, जिसमें सुरक्षा नाम की चीज ही नहीं थी।
यदि आप इंटरनेट के लिए अपने घर पर या दतर पर वाई.फाई राउटर प्रयोग करते हैं तो उसकी सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखें नहीं तो आपके वाई.फाई राउटर का प्रयोग करते हुए न सिर्फ आतंकवादी बल्कि अन्य गैर.कानूनी गतिविधियाँ भी अंजाम दी जा सकती हैं और आपको अपने आपको बेकसूर सिद्ध करने में अनावश्यक पसीना बहाना होगा। वाई.फाई की सुरक्षा के लिए आप कुछ निम्न उपाय आजमा सकते हैं।
वाई.फाई कनेक्शन पासवर्ड से सुरक्षित रखें। लैपटएप का जमाना आ चुका है। वे सस्ते भी हो गए हैं और सुविधा सम्पन्न भी। आमतौर पर आजकल हर एक लैपटएप वाई.फाई से लैस आता है। लैपटएप पर वाई.फाई के जरिए इंटरनेट एक्सेस करना अत्यंत सहूलियत भरा होता है। और आमतौर पर नए.पुराने सभी इंटरनेट प्रयोक्ता वाई.फाई ब्रएडबैण्ड डीएसएल, एडीएसएल मएडम का प्रयोग करने लगे हैं। कई दफा आवश्यकता न होने पर भी सामान्य नेटवर्क तार युक्त मएडम के बजाए वाई.फाई युक्त मएडम इंटरनेट सेवा.प्रदाताओं द्वारा लगा दिया जाता है। ऐसी स्थिति में इंटरनेट सेवा प्रदाता से कहें कि वे वाई.फाई मएडम में कनेक्शन एक्सेस करने के लिए सुरक्षित और कठिन पासवर्ड सेट करें॰ बिना पासवर्ड के आपका वाई.फाई एक्सेस न हो पाए ये ध्यान रखें। यदि आपका लैपटएप बिना पासवर्ड के वाई.फाई इंटरनेट एक्सेस कर ले रहा है तो सबसे पहला काम ये करें कि अपने वाई.फाई राउटर में स्वयं या जानकार व्यक्ति से या अपने इंटनरेट सेवा प्रदाता से पासवर्ड डलवाएं।
बहुत से क्षेत्रों में मसलन होटल, एयरपोर्ट लाउंज, विश्वविद्यालय कैंपस इत्यादि में आमजनों की सहूलियत के लिए मुफ्त वाई.फाई एक्सेस उपलब्ध होता है। यानी कोई भी व्यक्ति अपना लैपटएप या वाई.फाई सक्षम मोबाइल उपकरण जैसे कि स्मार्ट फोन इत्यादि वहाँ ले जाकर बिना पासवर्ड इत्यादि के इंटरनेट एक्सेस कर सकता है। जाहिर है इस तरह के इंटरनेट एक्सेस असुरक्षित ही होते हैं। कुछ शरारती तत्व ऐसे में उस क्षेत्र में अधिक शक्तिशाली वाई.फाई उपलब्ध कर आपके लैपटएप को अपने राउटर के जरिए कनेक्ट करवा सकते हैं और इस तरह से वे आपके लैपटएप के डाटा और सामग्री पर पहुंच बना सकते हैं। इसे शैतानी जुड़वां हमला (एविल ट्विन अटैक या मैन इन द मिडिल अटैक) कहा जाता है॰ अत: ऐसे स्थलों पर अपने लैपटएप को असुरक्षित वाई.फाई इंटरनेट कनेक्शन से अत्यंत आवश्यकता होने पर ही जोड़ें और काम समाप्त होने पर शीघ्रता से कनेक्शन बंद करें।
वाई.फाई हमेशा चालू न रखें। प्राय: यह देखा गया है कि लैपटएप का या ब्रएडबैण्ड राउटर का वाई.फाई हमेशा चालू रहने दिया जाता है। इंटरनेट पर काम हो रहा हो या नहीं, वाई.फाई अनावश्यक चालू रहते हैं। इससे एक नुकसान तो यह होता है कि अनावश्यक सिगनल जनरेट करने के कारण यह आपके लैपटएप की बैटरी जल्दी समाप्त करता है, वहीं बिजली भी अनावश्यक खर्च होती है। साथ ही हमेशा वाई.फाई चालू रहने से उसकी सुरक्षा को भेदने के खतरे हमेशा बने रहते हैं। अत: जब भी वाई.फाई का प्रयोग नहीं हो रहा हो, तो वाई.फाई बन्द रखें। इसके लिए प्राय: सभी लैपटएप में एक बटन होता है। ब्रएड बैण्ड राउटरों को सीधे स्विच अएफ कर सकते हैं।
. बाहर के असुरक्षित मुफ्त वाई.फाई इंटरनेट कनेक्शनों के जरिए आप बेहद सुरक्षित इंटरनेट के कार्य जैसे कि अपने अएनलाइन बैंक खाते से जमा.निकासी करना या क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करना इत्यादि कतई न करें। वचुर्अल प्राइवेट नेटवर्क जैसे सुरक्षित माने जाने वाले वाई.फाई कनेक्शन भी कई मर्तबा सुरक्षित नहीं रह पाते एवं उनमें सेंघ लगने के कई उदाहरण हैं। जाहिर है, ऐसे कायोंर् के लिए घर या दफ्तर का पासवर्ड सुरक्षित, नेटवर्क तार वाला इंटरनेट ही सवरधिक सुरक्षित होता है। अत: जहां तक हो सके ऐसे कायोंर् के लिए वाई.फाई इंटरनेट के बजाए नेटवर्क तार कनेक्शन वाला इंटरनेट प्रयोग करें।
. यदि आप आमतौर पर मोबाइल रहते हुए इंटरनेट का प्रयोग करते हैं तो सुरक्षा के लिहाज से सलाह दी जाती है कि आप मुत उपलब्ध वाई.फाई इंटरनेट का प्रयोग करने के बजाए वायरलेस. सीडीएमए, जीपीआरएस, 3जी यूएसबी मएडम कार्ड के जरिए मोबाइल, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं द्वारा उपलब्ध किया जा रहा सुरक्षित इंटरनेट खाता प्रयोग करें।
. यदि आप तकनीकी रुप से सक्षम हैं (आप किसी तकनीकी दक्ष नेटवर्क इंजीनियर की सहायता भी ले सकते हैं) तो अपने वाई.फाई ब्रएडबैण्ड राउटर के डिफएल्ट नाम व उपयोक्ता नाम व पासवर्ड को फर्मवेयर को एक्सेस कर बदल दें॰ पासवर्ड नियमित अंतराल में बदलते रहें।
. स्वचालित कनेक्शन अक्षम करें। अपने कम्प्यूटर के वाई.फाई से स्वचालित जुड़ने के विकल्प को अक्षम कर दें। स्वचालित जुड़ने के विकल्प से आपको पता ही नहीं होता कि कम्प्यूटर किस किस वाई.फाई कनेक्शन से कब.कब जुड़ गया और कब डिस्कनेक्ट हो गया। सुरक्षा के लिहाज से आपको पता होना चाहिए कि आपको किस नेटवर्क से कब जुड़ना है। वायरलेस कनेक्शन को हमेशा जब जरूरत हो, थोड़ी सी असुविधा तो होगी, मगर स्वयं चालू करें। और काम समाप्त होने पर तत्काल बंद कर दें।
उम्मीद है उक्त सुरक्षा उपायों को अपना कर न सिर्फ आप स्वयं सुरक्षित रहकर इंटरनेट प्रयोग कर सकेंगे, बल्कि अपने देश की भी सुरक्षा में सहयोग दे सकेंगे।
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यदि आप इंटरनेट के लिए अपने घर पर या दतर पर वाई.फाई राउटर प्रयोग करते हैं तो उसकी सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखें नहीं तो आपके वाई.फाई राउटर का दुष्प्रयोग संभव है।
अभी पिछले दिनों भारत के कुछ बड़े शहरों में आतंकवादियों ने बम ब्लास्ट किए और सैकड़ों मासूमों की जानें लीं॰ इस घिनौने कार्य को अंजाम देने में उन्होंने नवीनतम तकनीक और इंटरनेट का भरपूर उपयोग किया। पकड़ में आने से बचने के लिए आतंकवादियों ने इंटरनेट के असुरक्षित, आम या अनजाने में उपलब्ध वाई.फाई तंत्र का बेधड़क उपयोग किया। जब जांच एजेंसियों ने इंटरनेट एक्सेस पाइंट, जहां से आतंकवादियों के धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे, वहां धावा बोला तो पाया कि वहां तो निदोर्ष और बेकसूर नागरिक रह रहे हैं। उनका दोष सिर्फ इतना था कि वे अपने घर व दफ्तरों में इंटरनेट के लिए वाई.फाई तंत्र का प्रयोग कर रहे थे, जिसमें सुरक्षा नाम की चीज ही नहीं थी।
यदि आप इंटरनेट के लिए अपने घर पर या दतर पर वाई.फाई राउटर प्रयोग करते हैं तो उसकी सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखें नहीं तो आपके वाई.फाई राउटर का प्रयोग करते हुए न सिर्फ आतंकवादी बल्कि अन्य गैर.कानूनी गतिविधियाँ भी अंजाम दी जा सकती हैं और आपको अपने आपको बेकसूर सिद्ध करने में अनावश्यक पसीना बहाना होगा। वाई.फाई की सुरक्षा के लिए आप कुछ निम्न उपाय आजमा सकते हैं।
वाई.फाई कनेक्शन पासवर्ड से सुरक्षित रखें। लैपटएप का जमाना आ चुका है। वे सस्ते भी हो गए हैं और सुविधा सम्पन्न भी। आमतौर पर आजकल हर एक लैपटएप वाई.फाई से लैस आता है। लैपटएप पर वाई.फाई के जरिए इंटरनेट एक्सेस करना अत्यंत सहूलियत भरा होता है। और आमतौर पर नए.पुराने सभी इंटरनेट प्रयोक्ता वाई.फाई ब्रएडबैण्ड डीएसएल, एडीएसएल मएडम का प्रयोग करने लगे हैं। कई दफा आवश्यकता न होने पर भी सामान्य नेटवर्क तार युक्त मएडम के बजाए वाई.फाई युक्त मएडम इंटरनेट सेवा.प्रदाताओं द्वारा लगा दिया जाता है। ऐसी स्थिति में इंटरनेट सेवा प्रदाता से कहें कि वे वाई.फाई मएडम में कनेक्शन एक्सेस करने के लिए सुरक्षित और कठिन पासवर्ड सेट करें॰ बिना पासवर्ड के आपका वाई.फाई एक्सेस न हो पाए ये ध्यान रखें। यदि आपका लैपटएप बिना पासवर्ड के वाई.फाई इंटरनेट एक्सेस कर ले रहा है तो सबसे पहला काम ये करें कि अपने वाई.फाई राउटर में स्वयं या जानकार व्यक्ति से या अपने इंटनरेट सेवा प्रदाता से पासवर्ड डलवाएं।
बहुत से क्षेत्रों में मसलन होटल, एयरपोर्ट लाउंज, विश्वविद्यालय कैंपस इत्यादि में आमजनों की सहूलियत के लिए मुफ्त वाई.फाई एक्सेस उपलब्ध होता है। यानी कोई भी व्यक्ति अपना लैपटएप या वाई.फाई सक्षम मोबाइल उपकरण जैसे कि स्मार्ट फोन इत्यादि वहाँ ले जाकर बिना पासवर्ड इत्यादि के इंटरनेट एक्सेस कर सकता है। जाहिर है इस तरह के इंटरनेट एक्सेस असुरक्षित ही होते हैं। कुछ शरारती तत्व ऐसे में उस क्षेत्र में अधिक शक्तिशाली वाई.फाई उपलब्ध कर आपके लैपटएप को अपने राउटर के जरिए कनेक्ट करवा सकते हैं और इस तरह से वे आपके लैपटएप के डाटा और सामग्री पर पहुंच बना सकते हैं। इसे शैतानी जुड़वां हमला (एविल ट्विन अटैक या मैन इन द मिडिल अटैक) कहा जाता है॰ अत: ऐसे स्थलों पर अपने लैपटएप को असुरक्षित वाई.फाई इंटरनेट कनेक्शन से अत्यंत आवश्यकता होने पर ही जोड़ें और काम समाप्त होने पर शीघ्रता से कनेक्शन बंद करें।
वाई.फाई हमेशा चालू न रखें। प्राय: यह देखा गया है कि लैपटएप का या ब्रएडबैण्ड राउटर का वाई.फाई हमेशा चालू रहने दिया जाता है। इंटरनेट पर काम हो रहा हो या नहीं, वाई.फाई अनावश्यक चालू रहते हैं। इससे एक नुकसान तो यह होता है कि अनावश्यक सिगनल जनरेट करने के कारण यह आपके लैपटएप की बैटरी जल्दी समाप्त करता है, वहीं बिजली भी अनावश्यक खर्च होती है। साथ ही हमेशा वाई.फाई चालू रहने से उसकी सुरक्षा को भेदने के खतरे हमेशा बने रहते हैं। अत: जब भी वाई.फाई का प्रयोग नहीं हो रहा हो, तो वाई.फाई बन्द रखें। इसके लिए प्राय: सभी लैपटएप में एक बटन होता है। ब्रएड बैण्ड राउटरों को सीधे स्विच अएफ कर सकते हैं।
. बाहर के असुरक्षित मुफ्त वाई.फाई इंटरनेट कनेक्शनों के जरिए आप बेहद सुरक्षित इंटरनेट के कार्य जैसे कि अपने अएनलाइन बैंक खाते से जमा.निकासी करना या क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करना इत्यादि कतई न करें। वचुर्अल प्राइवेट नेटवर्क जैसे सुरक्षित माने जाने वाले वाई.फाई कनेक्शन भी कई मर्तबा सुरक्षित नहीं रह पाते एवं उनमें सेंघ लगने के कई उदाहरण हैं। जाहिर है, ऐसे कायोंर् के लिए घर या दफ्तर का पासवर्ड सुरक्षित, नेटवर्क तार वाला इंटरनेट ही सवरधिक सुरक्षित होता है। अत: जहां तक हो सके ऐसे कायोंर् के लिए वाई.फाई इंटरनेट के बजाए नेटवर्क तार कनेक्शन वाला इंटरनेट प्रयोग करें।
. यदि आप आमतौर पर मोबाइल रहते हुए इंटरनेट का प्रयोग करते हैं तो सुरक्षा के लिहाज से सलाह दी जाती है कि आप मुत उपलब्ध वाई.फाई इंटरनेट का प्रयोग करने के बजाए वायरलेस. सीडीएमए, जीपीआरएस, 3जी यूएसबी मएडम कार्ड के जरिए मोबाइल, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं द्वारा उपलब्ध किया जा रहा सुरक्षित इंटरनेट खाता प्रयोग करें।
. यदि आप तकनीकी रुप से सक्षम हैं (आप किसी तकनीकी दक्ष नेटवर्क इंजीनियर की सहायता भी ले सकते हैं) तो अपने वाई.फाई ब्रएडबैण्ड राउटर के डिफएल्ट नाम व उपयोक्ता नाम व पासवर्ड को फर्मवेयर को एक्सेस कर बदल दें॰ पासवर्ड नियमित अंतराल में बदलते रहें।
. स्वचालित कनेक्शन अक्षम करें। अपने कम्प्यूटर के वाई.फाई से स्वचालित जुड़ने के विकल्प को अक्षम कर दें। स्वचालित जुड़ने के विकल्प से आपको पता ही नहीं होता कि कम्प्यूटर किस किस वाई.फाई कनेक्शन से कब.कब जुड़ गया और कब डिस्कनेक्ट हो गया। सुरक्षा के लिहाज से आपको पता होना चाहिए कि आपको किस नेटवर्क से कब जुड़ना है। वायरलेस कनेक्शन को हमेशा जब जरूरत हो, थोड़ी सी असुविधा तो होगी, मगर स्वयं चालू करें। और काम समाप्त होने पर तत्काल बंद कर दें।
उम्मीद है उक्त सुरक्षा उपायों को अपना कर न सिर्फ आप स्वयं सुरक्षित रहकर इंटरनेट प्रयोग कर सकेंगे, बल्कि अपने देश की भी सुरक्षा में सहयोग दे सकेंगे।
धन्यवाद
ReplyDeleteAha sujhav hai apka
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